मत कर चुगली तू हम पर अब, मत फेक तू हमपर बारुद और बाम।
हम अब नहीं रहेंगे चूप, मिंटा देंगे तेरे दुनिया से निशान।।
पठाणकोट, उरी हमाले करावे के तुझे कूच नहि होगा हासील ना मिलेगा कोई अंजाम।
शायद तू भूल गया हैं कारगिल का महासंग्राम।।
तुने बहोत किये हमले, तुने निर्दोशो को मारा हैं।
मत भुलना सिंधू जलधारा भी हमारा हैं।।
२६/११ हम भुले नहीं, ना भुलेंगे हम अब उरी।
३८ अभी बस ट्रेलर मैं मारे हैं, Picture अभी बाकी हैं पुरी।।
हमने दिखाई हर वक्त समझदारी, तुने हर वक्त दिया हैं हमें धोका।
अब तू आवाज तो उठाके दिखा, हम अब नई छोडेंगे कोई मौका।।
गरज उठा हैं हिंदुस्थान, अब भारतीय सैनिक तुझे तेरी औकात दिखायेंगे।
अब बस युद्ध का शंख बज जाये, पाकिस्तान वालो तूम युद्ध करना भूल जावोगे।।
ठीक से अगर रहेगा, तोही तुझे मिलेगा सम्मान।
वरना निकाल लेंगे तेरी हम जान।।
देख मेरे भाई पाकिस्तान, बोल रहा हैं हिंदुस्थान !!!
कविता लेखन :
निखिल मोराणकर (३० Sept २०१६)

Nice one...
ReplyDeleteThank you Pratiksha!!!
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ReplyDelete👍👍👍👍👍
ReplyDeleteThanks Anand Bhai
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